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About book:दीपू की गुप्त यात्रा -बहुत पुरानी बात है, 'सोनार बागान' नामक एक बहुत ही सुंदर वन था, जिसमें एक छोटा-सा दीपू नाम का गधा रहता था। वह भी एक सधारण गधा ही था जो सारा दिन चरता रहता था। बात बहुत पुरानी नहीं है जबकि एक अंधेरी रात को दीपू अचानक बहुत प्रसिद्ध हो गया और यह सब इस प्रकार हुआ । उस विशेष रात को सोनार बागान में सारे पशु-पक्षी गहरी नींद में सोये हुए थे। 'पपरी' नामक बंदर अपने प्रिय पेड़ की टहनी से लिपटा हुआ था। 'हरी' नाम का टिड्डा घास के एक हरे टुकड़े पर आराम कर रहा था। पीपल के पुराने पेड़ पर 'पायल' तोता ऊंघ रहा था, 'मोटू' हाथी कीचड़ में अलसा रहा था । 'बंटी' खरगोश तथा 'चालू' लोमड़ घनी झाड़ियों में दुबके पड़े थे। बुला' मेंढक लंबी गुलाबी लिली पर, जो कि उसका घर भी था, तालाब के बीच में सोया हुआ था। दीपू भी सूखी घास के नरम विस्तर पर आराम कर रहा था। हमेशा की तरह वह भोजन के सपने ले रहा था । वह अपने लिए एक बहुत ही बड़ी और रस से भरपूर गाजर, जिसे उसने अपने जीवन में पहली बार देखा था, उठाने ही वाला था कि अचानक चौंक कर जाग गया। उसने पास के ही एक पेड़ की चोटी पर दो चमकती आंखों से रंगीन रोशनी निकलते देखी और वहां से आती हुई एक अजनबी-सी आवाज भी सुनी। डर के मारे वह कूदने लगा और आश्चर्य से चिल्लाया, "वह क्या था? वह रोशनी कैसी थी? और वे आवाजें कैसी थीं?"(इसी पुस्तक से)
About Author : Varnon thomas
ISBN :812370896-3
