Dusri bari by M.T. Vasudevan Nair

0 (0 Reviews)
MRP.105 Rs. 53
  • Availability : In Stock
  • Author Name : M.T. Vasudevan Nair
  • Available to : Purchase/Borrow
  • Book condition : Good condition preloved book

Why Borrow ? : Avoid repeated cost on books buying or renting .You can take more risks in reading because you don’t have to commit to buying everything you read.If you don’t like a book, just take it back. Borrow Now

About Book : मिलयाळम से हिन्दी में अनूदित प्रस्तुत उपन्यास दूसरी बारी (रण्टामुषरम) में महाभारतीय पात्र भीम के विलक्षण चरित्र से जुड़े कई अछूते प्रसंगों और अनसुलझे प्रश्नों को इसके लेखक श्री एम.टी. वासुदेवन नायर ने नये सन्दर्भों में रखा है। भीम की इस अप्रतिम पात्रता को मानवीय वृत्तियों के आलोक में रखते हुए जो विश्वसनीयता पैदा की गई है, उससे यह कृति निःसन्देह विशिष्ट बन गई है। इस आख्यान को भीम की जुबानी प्रस्तुत करते हुए लेखक ने एक अभिनव कथा-शैली का प्रणयन किया है, जिससे प्रत्येक दृश्य-बन्ध में उनकी उपस्थिति बनी रहती है। विभिन्न प्रसंगों एवं प्रस्थानों को भीम न केवल अपनी आँखों से बल्कि अपने विवेक से भी शब्दांकित करते जाते हैं और अपने दुर्दम्य स्वभाव के अनुरूप तत्क्षण अपनी प्रतिक्रिया भी अभिव्यक्त कर देते हैं। यही कारण है कि इस उपन्यास की अन्तर्वस्तु महाबली भीम की मानसिकता से रची-बसी है। चतुर्दिक् होने वाली घटनाओं, दुरभिसंधियों, षड्यन्त्रों और चक्रान्तों को भेदते जाने के साथ ही उनकी पात्रता द्रौपदी के मामले में बहुत ही संवेदनशील हो गई है क्योंकि द्रौपदी पर अग्रज युधिष्ठिर और अनुज अर्जुन के साथ अन्य दो भाइयों-नकुल और सहदेव का भी समान अधिकार है। पति के अलावा भीम द्रौपदी के हर संकट का त्राता और उसका सखा भी है-इसलिए उसकी भूमिका बड़ी जटिल और संश्लिष्ट हो गई है। दूसरी ओर भीम की व्याहता पत्नी हिडिम्बा और पुत्र महाबली घटोत्कच भी उनके भाव-संसार में विद्यमान रहते हैं। घटोत्कच जद महाभारत के युद्ध में वीरगति को प्राप्त होता है तो पिता भीम का हृदय हाहाकार कर उठता है और बचपन से लेकर प्रौढ़त्व तक की दुर्धर्ष और जंगम यात्रा में भीम सारे महत्त्वपूर्ण प्रस्थानों पर अविचल चट्टान की तरह खड़े रहते हैं और सारी स्थितियाँ मानो उन्हें छू-छूकर बहती चली जाती हैं। 

About Author : M. T. Vasudevan Nair is a script writer and director of malyalam films . He has directed seven films and written the screenplay for around 54 films.

Book format: Hardcover.

Language: Hindi.

Book Genre: Mythology.

Number of pages: 235

Publisher: Sahitya akedmi 

ISBN : 81-260-0645-5

Subscribe now :https://www.borrowbuybooks.com/subscription

Whats on your mind ? : https://www.borrowbuybooks.com/leave-your-query

Check your subscription plan


Learn more Whatsapp your query

Buy Now