Musafir Cafe By Divya prakash dubey

0 (0 Reviews)
MRP.150 Rs. 187
  • Availability : In Stock
  • Author Name : Divya Prakash dubey
  • Available to : Purchase / Borrow
  • Book condition : Good condition preloved book

Why Borrow ? : Avoid repeated cost on books buying or renting .You can take more risks in reading because you don’t have to commit to buying everything you read.If you don’t like a book, just take it back. Borrow Now

About book : हम सभी की जिंदगी में एक लिस्ट होती है। हमारे सपनों की लिस्ट, छोटी-मोटी खुशियों की लिस्ट। सुधा की जिंदगी में भी एक ऐसी ही लिस्ट थी। हम सभी अपनी सपनों की लिस्ट को पूरा करते-करते लाइफ गुज़ार देते हैं। जब सुधा अपनी लिस्ट पूरी करते हुए लाइफ़ की तरफ़ पहुँच रही थी तब तक चंदर 30 साल का होने तक वो सबकुछ कर चुका था जो कर लेना चाहिए था। तीन बार प्यार कर चुका था, एक बार वो सच्चा वाला, एक बार टाइम पास वाला और एक बार लिव-इन वाला। वो एक पर्फेक्ट लाइफ चाहता था।
मुसाफिर Cafe कहानी है सुधा की, चंदर की, उन सारे लोगों की जो अपनी विश लिस्ट पूरी करते हुए perfect लाइफ खोजने के लिए भटक रहे हैं।

About Author :Divya prakash dubey ,बेस्ट सेलर 'मसाला चाय' और 'टमर्स एंड कंडिशंस अप्लाई' लिखने के बहुत समय बाद तक दिव्य प्रकाश दुबे (DP) को यही माना जाता था कि वे ठीक-ठाक कहानियाँ लिख लेते हैं। लेकिन अब जब वे 'स्टोरीबाज़ी' में कहानियाँ सुनाते हैं तो लगता है कि वे ये काम ज़्यादा अच्छा करते हैं। Tedx में बोलने गए तो टशन-टशन में हिंदी में बोलकर चले आए। हर संडे वो संडे वाली चिट्ठी लिखते हैं कुछ ऐसे लोगों के नाम जिनके नाम कोई चिट्ठी नहीं लिखता। तमाम इंजीनियरिंग और MBA कॉलेज जाते हैं तो अपनी कहानी सुनाते सुनाते एक-दो लोगों को रायटर बनने की बीमारी दे आते हैं। पढ़ाई लिखाई से BTech-MBA हैं और इन दिनों एक Telecom Company AGM (Assistant General Manager). मुसाफ़िर cafe दिव्य प्रकाश की तीसरी किताब है।

Language : Hindi 

Book genre : Fiction, Humour Romance 

Number of pages : 144

Publisher : Westlend Hindi yugm

ISBN :978-93-86224-01-9

Looking for something else :https://www.borrowbuybooks.com/leave-your-query

Check your subscription plan


Learn more Whatsapp your query

Buy Now