Manorog Galat Dharnayen Aur Sahi Pehlu by Manjit Singh Bhatiya

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  • Author Name : Manjit Singh Bhatiya
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  • Book condition : Good condition preloved book

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ABOUT BOOK : प्रायः देखा गया है कि घर का जब भी कोई सदस्य किसी मनोरोग की जड में आता है तो जादू-टोना, ऊपर का साया, भूत चुड़ैल, गलत जगह पैशाब करने आदि की कारण मानकर लोग झाड़-फूक, ओझा, पीर-फकीर को शरण लेते हैं। इससे मनोरोगी को अनेक तकलीफों का सामना करना पड़ता है। रोग भी बिना इलाज के उग्र रूप धारण करता जाता है। इसका सही रास्ता यह है कि हम रोगी को किसी भी सरकारी अस्पताल के मनोरोग चिकित्सा विभाग में लेकर जाएं और उसका उचित इलाज कराएं। हमें पूरा विश्वास है कि मूल हिंदी में सरल भाषा में लिखी गयी यह महत्वपूर्ण पुस्तक आम लोगो में इन रोगों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने में सहायक सिद्ध होगी।

ABOUT AUTHOR :डा. मनजीत सिंह भाटिया (17 दिसंबर 1958) मनोरोग चिकित्सा में एम. डी. करने के बाद लोकनायक जय प्रकाश व जी.बी. पंत अस्पताल, श्रीमती सुचेता कृपलानी व कलावती सरन बाल अस्पताल में कार्यरत रहे उसके उपरांत आजकल वह यूनिवर्सिटी कालेज आफ मेडीकल साइंसेस और जी. टी.बी. अस्पताल, शाहदरा में मनोरोग चिकित्सा विभाग के प्रमुख ह। अंग्रेजी में उनकी दो दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। मूल हिंदी में यह पहली पुस्तक है।

Language ‏ : ‎ Hindi

Author Name  : manjeet singh bhatia

Publisher : national book trust 

Book Formating ‏ : ‎ Paperback

ISBN ‏ : ‎ 81237473-4

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