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- About Book -चाणक्य कूटनीतिज्ञ होने के साथ-साथ एक अर्थशास्त्री भी थे उनके ग्रंथ 'अर्थशास्त्र' में एक राज्य के आदर्श अर्थतंत्र का विशद विवरण है और उसी में राजशाही के संविधान की रूपरेखा भी है शायद विश्व में चाणक्य का 'अर्थशास्त्र' विधि-विधानपूर्वक लिखा गया राज्य का पहला संविधान है। चाणक्य ने राजनीति को अर्थ दिया, कूटनीति का समावेश किया, दाँव-पेंच के गुर सिखाए, समाज को एक दिशा दिखाई तथा नागरिकों को आचार-संहिता दी। टुकड़ों में बँटे देश को एक विशाल साम्राज्य बनाया तथा सिकंदर के विश्व-विजय के सपने को भारत में ही दफना दिया और एक साधारण व्यक्ति को राह से उठाकर मगध का सम्राट् बनाकर देश की समृद्धि में श्रीवृद्धि की चाणक्य विश्व के प्रथम मैनेजमेंट गुरु थे। उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में कुशल प्रबंधन का रास्ता दिखाया। उनके बताए सूत्रों और जीवन-मंत्रों के आधार पर आज भी कैसे अपने जीवन का सही प्रबंधन करके हम सफल हो सकते हैं, इसी बात को इस पुस्तक के जरिए बताने का प्रयास किया गया है। शासन, राज्य, परिवार, समाज, वित्त, सुरक्षा-सभी विषयों पर प्रस्तुत हैं महान् आचार्य चाणक्य के मैनेजमेंट सूत्र, जो आपको जीवन के संघर्षों से जूझने की शक्ति प्रदान करेंगे ।
- About Author - ममता झा जन्म: 13 जनवरी, 1973 को सरीसाब पाही (मधुबनी), बिहार में।शिक्षा: हिंदी में स्नातकोत्तर। कृतित्व: लेखिका ने आत्मविकास, समसामयिक विषयों पर पुस्तकें और अनेक महापुरुषों की जीवनियाँ लिखी हैं। पत्र-पत्रिकाओं में नियमित स्तंभ भी प्रकाशित।.
- Book format - Paper back
- ISBN : 978-93-5186-459-2.
- Language: Hindi
- Book Genre: Nonfiction - Self help
- Number of pages: 176
- Publisher: Prabhat prakashan.
- Dimension : 20.3 x 25.4 x 4.7 cm
- Weight : 150gm
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