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About Book : जैसे जैसे एक मैच. चाहे T-20, ओ.डी.आई या एक टैस्ट मैच हो, आगे बढ़ता जाता है, सट्टा बराबर लगता चलता है। सट्टा ओवरों के एक ब्रैकेट (हर 5 ओवर , 10 ओवर, 25 ओवर, या पॉवर प्ले ओवर) में या एक पारी में स्कोर किये जाने वाले रनों पर लगातार लगाया जाता है। .. संक्षेप में स्कोरिंग पैटर्न्स, और वैध व अवैध सट्टा बाज़ार में सैशंस सट्टे का अस्तित्व, यह निष्कर्ष निकालने के लिये पर्याप्त हैं कि फिक्सिंग छिट पुट नहीं है, यह लगातार और संस्थागत रूप से चल रही है। यह हो ही नहीं सकता कि ऐसा न हो।.. जिस फिक्सिंग का आपको शक होता रहता है, क्रिकेट में उसी फिक्सिंग को निर्विवाद रूप से सिद्ध करती पुस्तक।
About Author :अतुल कुमार का जन्म भिवानी (हरियाणा) में हुआ और उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने आई. आई टी., मद्रास से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की और उसके बाद भारतीय रेल में सेवारत रहे। रेलवे में संयुक्त सचिव के स्तर पर काम करते हुए, उन्होंने भारतीय रेलवेज की खरीदारी के काम में 5000 करोड़ रुपये सालाना हानि का अनुमान लगाया और उसे उजागर किया। उनके उल्लेखनीय प्रयासों के लिए सीताराम जिन्दल फाउण्डेशन ने उन्हें 'एस. आर. जिन्दल प्राइज-2011 फॉर क्रूसेड अगेन्स्ट करप्शन' से सम्मानित किया।
ISBN : 9789351656487.
Book format: Paperback
Language: Hindi
Book Genre: Nonfcition - Sports.
Number of pages: 200
Publisher: Diamond books
Dimension :13.97 x 1.09 x 21.59 cm
Weight :180 gm
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Reviews :
भारतीय रेल से अवकाश प्राप्त इंजीनियर अतुल कुमार ने पांच वर्ष पूर्व रेलवे की खरीदारी में सालाना पांच हजार करोड़ रुपये की हानि को सार्वजनिक किया था। मेट्रोमैन इ. श्रीधरन ने अब इस सच्चाई पर मोहर लगा दी है जबकि इतने साल सब आँखें मुँदे रहे। ऐसा ही रिश्ता है क्रिकेट फिक्सिंग और अतुल कुमार को।
आईपीएल क्रिकेट सट्टा और मैच फिक्सिंग घोटाले के विस्तार को बहुत कम लोग समझते हैं। इसे समझने के लिए आपको मैच फिक्सिंग पर अतुल कुमार द्वारा लिखित दो पुस्तकों 'बेटर्स बिवेयर" और 'इनसाइड द बाउंड्री लाइन' पढ़ने की आवश्यकता है।
-राजिंदर पुरी (वरिष्ठ पत्रकार)
यह तो स्पष्ट है कि लेखक ने अपने विषय में गहरी पैठ लगाई है और ऐसी ही है उसकी विश्लेषण शक्ति।
-बेटर्स बिवेयर पर स्टेट्समैन के वरिष्ठ खेल संपादक
पुलाकेश मुखोपाध्याय
यदि क्रिकेट के नाम पर पर्दे के पीछे चल रहे सबसे बड़े काले कारनामे का भेद जानना चाहते हैं तो सभी खेलप्रेमियों को इस पुस्तक को पढ़ना चाहिए।
-डॉ. नेहा गुप्ता
उपाध्यक्ष, साइंस एंड रेशनलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया की Cricket: The Massive Fraud पर. सोशल मीडिया में टिप्पणी।
भारतीय रेलवे में इंजीनियर रहे अतुल कुमार का दावा है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेले जा रहे क्रिकेट मैच फिक्स होते हैं। इस खेल के चाहने वालों के लिए यह एक बड़ा धोखा है।
-बेटर्स बिवेयर के रीलिज पर पीटीआई की रिपोर्ट
महाभारत में एक प्रसंग है कि जब युधिष्ठिर से पूछा गया कि संसार में सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है तो उसने कहा, 'मनुष्य नित प्राणियों को मरते हुए देखता है फिर भी इस भ्रम में जीवन व्यतीत करता है कि वह नहीं मरेगा।' कुछ ऐसा ही आश्चर्य है कि जो क्रिकेट विश्व के एक विशाल फ्रॉड के रूप में प्रमाणित हो चुका है, उसके लिए लाखों करोड़ों लोग खुले आम उत्सव मनाते हैं और दुनिया भर के हजारों लाखों बुद्धिजीवी. अनभिज्ञ बन. दिन रात चर्चाएं करते रहते हैं।
सालों से चल रहे इसी फ्रॉड की परतें उधेड़ता और समाज की सभी संस्थाओं, विशेषत: मीडिया, को बेनकाब करता एक अनूठा और प्रामाणिक विवरण।
