Mere pass samay thoda hai Samrendra sen gupt

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  • Author Name : Samrendra sen gupt
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  • About Book - पाँचवे दशक के अन्यतम बंगला कवि समरेंद्रसेन गुप्त ने अपने इस काव्य-संग्रह मेरे पास समय थोड़ा है में कविता के जन्म-रहस्य क्या हैं, संकेतित किया है। अपनी एक कविता में लिखते हैं "उपयुक्त पुरुष के साथ उपयुक्त नारी की क्या कभी भेंट होती है?/भेंट नहीं होती है इसीलिए/प्रेम की नहीं/जय हो रही है विरह की/और कविता लिखी जा रही है।  शुरू से ही स्वांत:सिद्ध और स्वतंत्र समरेंद्रसेन गुप्त के कविताप्रेमी पाठक जानते हैं कि इस रहस्य की कुंजी सम्प्रति उन्होंने हमारे हाथ में जरूर रख दी है, किंतु शुरू से ही उनकी कविता में आई उपयुक्त नारी' का दूसरा नाम स्वदेश व उसका प्रणय प्रार्थी पुरुष कवि स्वयं है, वह चूँकि एक ही साथ चले आ रहे काल और प्रवहमान परिवेश के प्रति तीव्र रूप से सचेत हैं और चालीस वर्षों से जिसके दोनों हाथों से बजने वाले काल के घंटे से ध्वनित होने वाले इसी प्रिय स्वदेश की अनेक असंगठित झनकारें हैं। वस्तुतः विरह नहीं, विरह के मूल कारण के संबंध में उनका अब तक का काव्य ही भाष्य है। समय, सभ्यता, समाज, धर्म, राजनीति, आतंकवाद इन सबको लेकर बनाई हुई काल्पनिक कहानियाँ नहीं, गहरी अनुभूति और उपलब्ध कथा हो उन्होंने अपनी कविता में व्यक्त की है। हृदय की धड़कन के समीप रहने वाला मनुष्य भी उनके कविताओं में झलक उठा है। जिसके साथ गूढ़ अभिज्ञता का गाढ़ अभिज्ञान उनके इस नए काव्य-संग्रह में प्रारंभ से लेकर अंत तक परिव्याप्त है।
  • About author - समरेंद्रसेन गुप्त (जन्म : 5 मई 1935, ढाका, बांग्लादेश, मृत्यु : 2011) मूलत: कवि किंतु कविता के साथ यात्रा-वृत्तांत, प्रबंध आदि भी लिखे। मूल के अलावा अनुदित रचनाओं को मिलाकर 24 कृतियाँ प्रकाशित। कृत्तिवास, कवियत, वसुमती के साथ बाइला की विख्यात पत्रिका विभाव का 27 वर्षों तक संपादन। काव्य-पाठ के लिए 2001 में लंदन, पेरिस, जर्मनी की यात्रा। 1998 में रवींद्र पुरस्कार और 2007 में साहित्य अकादेमी पुरस्कार के अतिरिक्त कई अन्य महत्त्वपूर्ण पुरस्कार/सम्मान प्राप्त हुए।
  • About Translator - रामशंकर द्विवेदी (जन्म : 1937, जालौन, उत्तर प्रदेश ) बाङ्ला से हिंदी के समर्थ अनुवादक। अब तक 2 दर्जन से ज्यादा विविध पुस्तकों का बांग्ला  से हिंदी अनुवाद । अनुवाद के लिए वर्ष 2004 का साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार।
  • ISBN : 978-81-260-4782-6.
  • Book format: Paperback
  • Language: Hindi 
  • Book Genre:Poetry collection .
  • Number of pages: 114
  • Publisher: Sahitya Akademi 
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