Bharat ki Awaaz by A P J Abdul Kalam

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MRP.245 Rs. 123
  • Availability : In Stock
  • Author Name : APJ Abdul kalam
  • Available to : Purchase / Borrow
  • Book condition : Good condition preloved book

Why Borrow ? : Avoid repeated cost on books buying or renting .You can take more risks in reading because you don’t have to commit to buying everything you read.If you don’t like a book, just take it back. Borrow Now

Why Borrow ? : Avoid repeated cost on books buying or renting .You can take more risks in reading because you don’t have to commit to buying everything you read.If you don’t like a book, just take it back.  Borrow Now 

  • About Book : मुझे लगता है कि हमें देश के लिए एक अलग दृष्टिकोण की आवश्यकता है, ठीक वैसा ही दृष्टिकोण जैसा अंग्रेजों के विरुद्ध स्वतंत्रता संग्राम के समय हमारा था। उस समय राष्ट्रवाद की भावना बहुत प्रबल थी। भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के लिए आवश्यक यह दूसा दृष्टिकोण एक बार फिर राष्ट्रवाद की भावना को शीर्ष पर लाएगा" विकास के लाभ उठाने के बाद अब भारत के लोग अधिक शिक्षा, अधिक अवसरों और अधिक विकास के लिए बेताब हैं। लेकिन समृद्ध और सगठित भारत के निर्माण का उनका या सपना कहीं-न-कहीं चूर-चूर होता दिखाई दे रहा है देश को बांटने वाली राजनीति, बढ़ती आधिक विषमता और देश तथा उसकी सीमाओं पर मौजूद डर और अशांति के दानव देश के मर्मस्थल पर चोट कर रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में देश और उसकी अवधारणा की रक्षा कैसे की जाए और विकास के लक्ष्य पर कैसे आगे बढ़ा जाए? यह पुस्तक कुछ ऐसे ही प्रश्न उठाती है और उनके उत्तर तलाशती है। डॉ. कलाम का मानना है कि किसी भी देश की आत्मा उसमें रहने वाले लोग होते हैं, और उनकी उन्नति में ही देश की उन्नति है आदर्शबाद से ओतप्रोत, लेकिन वास्तविकता से जुड़ी भारत की आवाज दर्शाती है कि व्यक्तिगत और राष्ट्रीय स्तर पर प्रगति संभव है, बशर्ते हम इस सिद्धांत पर चलें कि "देश किसी भी व्यक्ति या संगठन से बढ़कर होता है और यह समझें कि केवल सीमारहित मस्तिष्क ही सीमारहित समाज का निर्माण कर सकते हैं।"
  • About Author : डॉ ए. पी.जे. अब्दुल कलाम भारत के यशस्वी वैज्ञानिकों में से एक तथा उपग्रह प्रक्षेपण यान और रणनीतिक मिसाइलों के स्वदेशी विकास के वास्तुकार हैं । एस.एल.वी. - 3, ' अग्नि ' और ' पृथ्वी ' उनकी नेतृत्व- क्षमता के प्रमाण हैं । उनके अथक प्रयासों से भारत रक्षा तथा वायु आकाश प्रणालियों में आत्मनिर्भर बना । अन्ना विश्‍वविद्यालय में प्रौद्योगिकी तथा सामाजिक रूपांतरण के प्रोफेसर के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों से विचारों का आदान- प्रदान किया और उन्हें एक विकसित भारत का स्वप्न दिया । अनेक पुरस्कार-सम्मानों के साथ उन्हें देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ' भारत रत्‍न ' से भी सम्मानित किया गया। पिछले कुछ वर्षों में देश भर के आठ लाख से अधिक छात्रों से भेंट कर उन्होंने महाशक्‍त‌ि भारत के स्वप्न को रचनात्मक कार्यों द्वारा साकार करने का आह्वान किया है । संप्रति: भारत के पूर्व राष्‍ट्रपति ।.
  • Book format : Paperback 
  • ISBN : 978-81-7028-885-5
  • Language: Hindi
  • Book Genre: Historical cricisam 
  • Number of pages : 180
  • Publisher: Rajpal & Sons
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