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About Book : जन्म : 2 अक्टूबर, सन् 1869, पोरबन्दर (गुजरात) निधन : 30 जनवरी, सन् 1948 प्रस्तुत पुस्तक महात्मा गांधी की विश्वप्रसिद्ध आत्मकथा का आशिक रूप से संक्षिप्त हिन्दी रूपान्तर है जिसमें गांधीजी से सम्बन्धित सभी प्रसंग शामिल हैं। इसे एक प्रेरणादायक पुस्तक के रूप में पढ़ा जा सकता है। आशिक रूप से संक्षिप्त हिन्दी रूपान्तर
Notes : वह एक स्वतन्त्र और स्वच्छ आत्मा है। यदि कोई मेरा गला घोटे, तब में अपनी सहायता के लिए पुकारूंगा। परन्तु यदि कोई गाँधीजी का गला घोटे, तो ये बिल्कुल भी न चिल्लायेंगे, न किसी को पुकारेंगे वह हंसते-हंसते गला घुटवाकर अपने प्राण त्याग देंगे । -रवीन्द्रनाथ ठाकुर
गांधीजी कांग्रेस के राजनैतिक गुरु हैं। आश्रम उनकी कर्मस्थली है, और गुजरात विद्यापीठ उनका हास्य-स्थल है। -आचार्य कृपलानी
- Book format : Paperback
- ISBN : 81-86265-52-X
- Language: Hindi
- Book Genre: Biography
- Number of pages :160
- Publisher: Sakshi paperback
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