Why Borrow ? : Avoid repeated cost on books buying or renting .You can take more risks in reading because you don’t have to commit to buying everything you read.If you don’t like a book, just take it back. Borrow Now
About Book :हिन्दी गद्य का और उसी के साथ आधुनिक प्रवृत्तियों का विकास हिन्दी साहित्य में भारतेन्दु-काल से माना जाता है। और यही वह काल है जब से हिन्दी साहित्य में हास्य और व्यंग्य की नियमित उपस्थिति का अनुभव किया जाने लगा इस संग्रह में प्राचीनतम रचनाएं भारतेन्दु बाबू हरिश्चन्द्र के समय तथा उसके तुरंत बाद की हैं और स्वयं भारतेन्दु से लेकर आज तक के नवीनतम लेखकों की कुछ रचनाओं को लेकर इसे एक प्रतिनिधि संकलन बनाने का प्रयास किया गया है।
वसीयत (इसी पुस्तक से ):एक छोटी-सी भूमिका अपने संबंध में, फिर वसीयत में कार्यान्वयन के अनुच्छेद आरंभ हो गए थे। पहला अनुच्छेद इस प्रकार था -"में चूड़ामणि मिश्र आदेश देता हूँ कि मेरा अंत्येष्टि-संस्कार सनातम धर्म की प्रथा से हो, और अपने अंल्येष्टि-संस्कार के लिए मैंने पचास हजार की रकम अपनी अलमारी में अलग निकाल रखी है, जो क्रिया-कर्म का व्यय काटकर मेरा अंत्येष्टि-संस्कार करने वाले को मिलेगी मुझे खेद के साथ कहना पड़ता है कि मेरे दोनों पुत्र अधर्मी और नास्तिक हैं। वैसे मेरा अंत्पेष्टि-संस्कार करने का उत्तरदायित्व मेरे ज्येष्ठ पुत्र लालमणि पर है, लेकिन मेरा आदेश है कि मेरा अंत्येष्टि-संस्कार वही कर सकता है, जो यज्ञोपवीत धारण किए हो और जिसके सिर पर शिखा हो। यदि मेरे ज्येष्ठ पुत्र में यह शर्त नहीं होती, तो नीचे लिखी नामों की तालिका के अनुसार प्राथमिकता के क्रम से यज्ञोपवीत और शिखा धारण करने वाला ही मेरा अंत्येष्टि संस्कार कर सकेगा..." में पढ़ते-पढ़ते रुक गया। लालमणि की ओर देखकर मैंने पूछा, "क्यों चिरंजीव लालमणि, तुम्हारो चोटी -बोटी है कि नहीं? और यज्ञोपवीत पहनते हो या नहीं?"
कुल उलझन के भाव से उसने कहा, "चुटइया रख के कहीं स्टेट बैंक की मैनेजरी होती है? और जनेऊ हर दूसरे-तीसरे दिन मैला हो जाता है, तो हमने पहनना ही छोड़ दिया।"
"तब तो पचास हजार गए हाथ से, तुम अंत्येष्टि-संस्कार के योग्य नहीं हो। तुम्हारे बाद नीलमणि का नंबर है।"
ISBN : 978-81-237-2055-5.
Book format: Paperback
Language: Hindi
Book Genre: Literary fiction short story collection.
Number of pages: 244
Publisher: National book trust.
Dimensions: 21.1"(L)13.8"(W) (Cms.)
Subscribe now :https://www.borrowbuybooks.com/subscription
What’s on your mind ? : https://www.borrowbuybooks.com/leave-your-query
