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About Book : अंधेरे में हंसी एक संघर्ष भरी जिन्दगी के बीच जीने की जदोजहद योगेन्द्र आहूजा की कहानियों की विशेषता है उनकी कहानियाँ उजाले में आने की आकांक्षा में मानो किसी अँधेरी सुरंग में यात्रा करने की भयावहता का दास्तान सुनती हों। साहित्य जगत् के कुछ महत्वपूर्ण पात्रों की कहानियों में उपस्थिति जैसे वही बताती हो कि पाठक इन्हें सिर्फ स्वप्न-कथा ही नहीं समझे बल्कि वह सृजनशील लोगों और चिन्तकों द्वारा किये जा रहे प्रतिरोध की सच्चाई को भी महसूस करे। योगेन्द्र आहुजा अपने लेखन में क्लाइमेक्स तक पहुंचने की जल्दबाजी में नहीं दिखते। शास्वीय गायक की तरह दूर तक ले जाते हैं। गंतव्य की तलाश में वे प्रायः अपने पाठकों को भूलभुलैया में डाल देते हैं, यह भी उनकी कला है वे इसके जरिये जीवन के उलझाव को रेखांकित करते हैं । हकीकत को बयान करनेवाली इन कहानियों में अंधेरे से उलझते हुए भी शोषण से मुक्ति का स्वज नजर आता है। निश्छल सामाजिकता की उजली इबारत पर स्याही फेरनेवाले जनविरोधी लोगों के अंधेरे के विरुद्ध योगेन्द्र आहूजा की कहानियों जोर से हँसती नजर आती हैं।
About Author : Yogendra Ahuja.
ISBN : 81-263-1037-5.
Book format: Paperback
Language: Hindi
Book Genre: Literary fiction short stories collection.
Number of pages: 164
Publisher: Bhartiya Gaynpeeth.
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