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About book :आँख की किरकिरी रवीन्द्रनाथ ठाकुर के bangla उपन्यास चोखेर बालि का हिन्दी अनुवाद है। कई कारणों से इस उपन्यास की गिनती गुरुदेव की सर्वोत्कृष्ट रचनाओं में होती है। इसका प्रथम प्रकाशन 1902 ई. में हुआ था। इस प्रकार यह उपन्यास सच्चे अर्थों में भारत का पहला आधुनिक उपन्यास है। यद्यपि रवीन्द्रनाथ ने ऐसे अनेक उपन्यास लिखे हैं जो चोखेर बालि से अधिक विख्यात हैं, परन्तु कथाकार का जो रूप हमें इसमें मिलता है वह अन्यत्र नहीं। अन्य किसी उपन्यास में उन्होंने मानव-जीवन के चित्रण में ऐसे मृदुल और नीरव व्यंग्य का समावेश नहीं किया है । प्रणय और यौन-वासना के अविच्छिन्न सम्बन्ध को उन्होंने और किसी उपन्यास में ऐसी प्रकट सहानुभूति नहीं दी है। इस उपन्यास में ही उन्होंने वासना के पंक में प्रस्फुटित होने वाले प्रेम के निर्मल शतदल की झाँकी दिखाई है। गुरूदेव द्वारा निर्मित नारी चरित्रों में विनोदिनी सबसे अधिक यथार्थ, सबसे अधिक विश्वसनीय और सबसे अधिक जीवन्त है।
About author :Hindi translation by Hans Kumar Tiwari of Rabindranath Tagore's Bengali Novel Chokher Bali.
ISBN :978-81-7201-661-1.
Book format: Paperback
Language: Hindi
Book Genre: Literary fiction novel / Romance
Number of pages: 230
Publisher: Sahitya Akademi
MRP:100/-Offer price:90/-Shipping charges :60/- Zero cost shipping for subscriber .
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