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About Book : प्रस्तुत उपन्यास में आज के समाज की बदलती तस्वीर के परिप्रेक्ष्य में मनुष्य की आर्थिक, पारिवारिक, सामाजिक व सांसारिक सोच को मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से रूपायित किया गया है लेखक ने अपने पात्रों की मनोवस्या के रोमांस, अकेलेपन, घुटन, उदासी, उलझन तथा तड़प को बड़ी सटीक भाषा में व्यक्त किया है। उपन्यास में उत्तर-आधुनिकता की व्याख्या का समावेश प्रयोग के तौर पर किया गया है जो साहित्य की चर्चा के साथ आज के बदलते मूल्यों को व्याख्यायित करता है। यह एक आत्म-जीवनीपरक उपन्यास है जो मनुष्य की बदलती सोच और बनते-बिगड़ते संबंधों की गाया को निजी अनुभवों और जीवन से जुड़े पात्रों के माध्यम से व्यक्त करता है।
About author :निरंजन तसनीम पंजाबी के एक चिर-परिचित, प्रमुख साहित्यकार हैं। लुधियाना के गवर्नमेंट कालेज में अंग्रेजी के प्रोफेसर रहे लेखक ने पंजाबी के अतिरिक्त उर्दू और अंग्रेजी में भी रचनाएँ लिखीं। अपनी मातृभाषा पंजाबी में लिखे इनके उपन्यासों में से कुछ प्रमुख हैं-परछावे, कसक, हनेरा होन ते, गवाचे अरथ आदि। इन्होंने आलोचना व निबंध भी लिखे हैं।
Translation by Uma bansal : उमा बंसल ने पंजाबी, उर्दू तथा अंग्रेजी भाषाओं से हिंदी अनुवाद के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके द्वारा अनूदित कई पुस्तकें प्रकाशित, चर्चित एवं प्रशंसित हैं संप्रति : राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत में संपादक (हिंदी) के पद पर कार्यरत .Book Format : Paperback
Book format: Paperback
Language: Hindi
Book Genre: Literary fiction novel
Number of pages: 138
Publisher: National book trust.
ISBN : 812376033-7.
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