Why Borrow ? : Avoid repeated cost on books buying or renting .You can take more risks in reading because you don’t have to commit to buying everything you read.If you don’t like a book, just take it back. Borrow Now
- About Book : आन्ध्र का एक गांव है, जिसकी मिट्टी काली है। उपन्यास में उसी मिट्टी की भीनी-भीनी गंध व्याप्त है। इस गांव के सीधे-सादे लोग इसके जीते जागते पात्र हैं जो आपस में घृणा भी करते हैं, प्रेम भी उपन्यास का नायक राजू वह पहला व्यक्ति है जो गांव में ट्रैक्टर लेकर आया है। राजू से दो लड़कियां प्यार करती हैं और प्रेम पत्रों में अपने उद्गार व्यक्त करती हैं, जो कभी अपने पते पर नहीं पहुंचते। दूसरी ओर लक्ष्मी है जो जितनी स्वाभिमानी है उतनी ही निर्भीक अपने पिता से साफ कह देती है, कभी उसी को दामाद बनाने के लिए तुम्हारा जी तड़पता था, आज वह लुच्चा हो गया..."
- About author :उपन्यासकार पालगुम्पि पदमराजु का जन्म पश्चिम गोदावरी जिला में तिरुपतिपुरम् में हुआ। फिरकाकीनाड़ा और भीमवरम् में रहे। एम.एस-सी. के पश्चात् अध्यापन करते रहे। मद्रास में रहकर फिल्मों के लिए स्वतंत्र लेखन करते रहे। अपनी कहानी 'गालिवान' (तूफान) के माध्यम से ये अंतर्राष्ट्रीय यश के भागी बने। कवि, कहानीकार, उपन्यासकार, आलोचक, रेडियो वार्ताकार, फिल्म लेखक और साहित्यिक व्याख्याता के रूप में इनके समकक्ष कम लोग हैं। इनके प्रमुख कथा-संग्रह हैं, 'कूली जन' और 'पदमराजुकी कथलु' ।
- Book Format : Paper back
- ISBN : 81237226-6
- Publisher : National book trust
