Padhaai By K Kutumb rao

0 (0 Reviews)
MRP.100 Rs. 50
  • Availability : In Stock
  • Author Name : K Kutumb Rao
  • Available to : Purchase / Borrow
  • Book condition : Good condition preloved book

Why Borrow ? : Avoid repeated cost on books buying or renting .You can take more risks in reading because you don’t have to commit to buying everything you read.If you don’t like a book, just take it back. Borrow Now

About Book :पढ़ाई उपन्यास में 1915 से 1935 के बीच के समय की राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में मुख्यतः आंध्र प्रदेश के गुंटूरु जिले के मध्यवर्गीय परिवारों और उनकी दो पीढ़ियों के जीवन को देखा जा सकता है। इस उपन्यास का मुख्य पात्र है सुंदरम। उपन्यास की सभी घटनाएँ सुंदरम की पढाई की प्रगति तथा उसके आत्मविकास से संबंधित हैं। समाज से ज्ञान की प्राप्ति किस प्रकार होती है और वह सामाजिक इतिहास का अंतर्भाग किस प्रकार बन जाता है, यह इस उपन्यास में खूबसूरत ढंग से चित्रित किया गया है। मध्यवर्गीय बुद्धिजीवी युवक सुंदरम की संवेदनशीलता, ज्ञान-पिपासा, उसका कोमल मन और इन भावनाओं से उपजा विरोधाभास, उसके व्यक्तित्व-विकास में कैसी भूमिका निभाता है- यह सब इस उपन्यास में बेहद बारीकी से दिखाया गया है। लेखक ने इस उपन्यास के बारे में एक साक्षात्कार में कहा था "चदुवु (पढ़ाई) उपन्यास मेरी आत्मकथा पर आधारित उपन्यास नहीं है। मुख्य पात्र का इतना प्राधान्य नहीं है। सामाजिक इतिहास की ही प्रधानता है। अनुभव मेरे नहीं हैं, पर बाक़ी जितना भी चित्रण है, वह मेरा देखा हुआ है।"

About Author : के. कुटुंब राव : (जन्म :28 अक्टूबर 1909 मृत्यु : 17 अगस्त 1980) तेलुगु उपन्यासों में सामाजिक जीवन, सामाजिक इतिहास और वास्तविकता को महत्व देने वालों में के. कुटुंब राव अग्रणी हैं। इनका पहला कहानी संग्रह कारुण्यम 1937 में प्रकाशित हुआ जीवन- यापन के लिए तरह-तरह की नौकरियाँ करते हुए अक्टूबर 1948 में आंध्र पत्रिका दैनिक में नौकरी पाई और उसकी साप्ताहिक पत्रिका का संपादन भार स्वीकार कर इसे एक साहित्यिक पत्रिका के रूप में प्रतिष्ठित किया। जनवरी 1952 से मृत्युपर्यंत चंदामामा मासिक पत्रिका से जुड़े रहे। इनके विविधतापूर्वक लेखन में चार सौ से ज्यादा कहानियाँ, बीस उपन्यास, सौ से ज्यादा रेडियो एकांकी, फ़िल्म स्क्रिप्ट के साथ-साथ अनुवाद कार्य भी शामिल हैं।

Translator : आर. शांता सुंदरी (जन्म 1947) पिछले तीन दशकों से तेलुगु से हिंदी और हिंदी से तेलुगु में परस्पर अनुवाद में संलग्न । कहानी, उपन्यास, नाटक, कविता आदि सभी विधाओं में अनुवाद कार्य किया है। पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशन के अतिरिक्त अनुवाद की हुई 50 से ज्यादा पुस्तकें प्रकाशित अनुवाद के लिए भारतीय अनुवाद परिषद, दिल्ली और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सहित कई अन्य संस्थाओं से पुरस्कृत।

Book Format : Paper back.

ISBN : 978-81-260-40-4011-7.

Language: Hindi 

Book Genre: Literary fiction Novel .

Number of pages: 188

Publisher: Sahitya Akademi.

Weight : 250gm

Subscribe now :https://www.borrowbuybooks.com/subscription

Whats on your mind ? : https://www.borrowbuybooks.com/leave-your-query

 

Check your subscription plan


Learn more Whatsapp your query

Buy Now