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About Book : बचपन की यादें मलयालम की प्रसिद्ध लेखिका माधविकुट्टि के संस्मरणात्मक उपन्यास का अनुवाद है। लेखिका ने इसमें बचपन की स्मृतियों के बिखरे सूत्रों को कथात्मक धागे में पिरोने का एक शानदार और सफलतम नमूना पेश किया है। बाल्यावस्था की भिन्न-भिन्न घटनाओं को जोड़ने के क्रम में कथात्मकता इनती घनी हो गई है कि पुस्तक अद्भुत रूप में आनंददायक, रोचक और लगातार उत्सुकता बनाए रखती है। इसमें मलयालम भाषी क्षेत्र के आहार-व्यवहार, रीति-रिवाज, पारिवारिक संबंधों के सूत्र, सामाजिक राग विराग, छुआछूत, दया-क्रोध, प्रेम-घृणा, शिक्षा, प्रगति-पाखंड सबकी व्याख्या यथा योग्य है। अनुभव की गहनता और मर्म की सघनता से संस्मरण प्रधान यह उपन्यास सार्वजनिक जीवन के बालापन को भी जीवंत कर देता है।
About Author : माधविकुट्टि मलयालम भाषा की विख्यात रचनाकार हैं । प्रारंभ में ये कविता और कथा साहित्य लिखती थीं। मलयालम में 'माधविकुट्टि'" तथा अंग्रेजी में 'कमला दास' के नाम से लिखती रही हैं। भावुक मन और कोमल संवेदनाओं के सूक्ष्म सूत्रों को पकड़ने वाली रचनाकार माधविकुटि सदा अपने पाठकों के मन पर छाई रहती हैं।
अनुवादक :अनुवादक अरविन्दन एम. एक प्रसिद्ध भाषा सेवी, साहित्य सेवी तथा शिक्षा सेधी हैं। अनुवाद के क्षेत्र में इन्होंने अपनी प्रशंसनीय छवि, अपनी निष्ठा के बल पर ही बनाई है। मलयालम, हिन्दी तथा अंग्रेजी पर इनका अधिकार है। इनके द्वारा अनूदित कई पुस्तकें प्रकाशित हैं
ISBN : 978-81-237-2771-4.
Book format: Paperback
Language: Hindi
Book Genre: Literary fiction Novel.
Number of pages: 154
Publisher: National Book trust
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