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About Book : शादी से पेशतर' उपन्यास के बाद शर्मिला बोहरा जालान का यह पहला कहानी-संग्रह है 'बूढ़ा चाँद'। इसमें एक दशक के दौरान लिखी गयी कहानियाँ संगृहीत हैं। लेखिका की इस कथा यात्रा में न तो विशेष उतार-चढ़ाव है और न ही एक सीध में चलती यात्रा। पगडंडियों को पकड़ती और छोड़ती हुई ये कहानियाँ घर- बरामदे, बाजार-हाट और अन्तर्मन में मँडराती छायाओं के आसपास डोलती रहती हैं। तकनीकी कौशल तथा अनुसन्धानी लटके-झटके वाली महत्त्वाकांक्षी कहानियों से इतर इनकी शैली बातचीत और संवाद की है, जिनमें पाठक भी साथ हो जाता है। इन कहानियों की लेखिका की खास सिफ़त यह है कि आजकल की अनेक लेखिकाओं के बरक्स उसमें 'मरदाना' होने की ज़िद नहीं है और न ही खास सुघड़ नज़रिये से दुनिया को नापने को इरादा। बल्कि उनमें एक बच्ची की-सी उत्सुकता और हैरानी है। कहानियों में लेखिका एक ही साथ बालिका, किशोरी और युवती के रूपों में मौजूद है। संग्रह की सबसे लम्बी कहानी 'बूढ़ा चाँद' एक ऐसी ही कहानी है जिसमें एक बालिका विश्वकवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर को अपना मित्र बनाकर उनसे बतियाती रहती है। यह बातचीत एक बालिका के अन्तर्जगत और बाह्य जगत के बीच एक पुल बनाने की कोशिश भरी अनूठी कहानी है। शर्मिला की अधिकतर कहानियाँ छोटी-छोटी घटनाओं से बुनी गयी हैं। 'मॉल मून' और 'कार्न सूप' आज बड़े शहरों में पनप रही मॉल संस्कृति की ट्रैजी-कॉमिक तस्वीर पेश करती हैं। आशा है इन कहानियों का वैविध्य पाठकों को रुचिकर लगेगा।
About Author - Sharmila Bohra Jalan
Book format : Hardcover
Book genre : Literary Fiction Short stories.
Language : Hindi
ISBN :978-81-263-1673-1
