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- About Author : प्रेमचंद युग-प्रवर्तक लेखक थे। सन् 1901 से 1936 तक का समय हिन्दी-उर्दू कथा-साहित्य का युग कहलाता है और कहलाता रहेगा। उस समय राजनीति में और समाज-सुधार के आन्दोलन में मनुष्य से विचारशील और कर्मशील बनने और रूढ़िवादी परम्पराओं और अन्धविश्वासों को त्यागकर आगे बढ़ने को मांग की जा रही थी। प्रेमचंद ने इस मांग को पूरा किया। हमें प्रेमचंद में शहरी, कस्बाई और ठेठ देहाती जीवन के सजीव चित्र मिलते हैं। इस सबसे प्रेमचंद की शैली के विभिन्न रूप-रंगों और भाषा-ज्ञान पर प्रकाश पड़ता है और इस महान लेखक की सामर्थ्य पर आश्चर्य भी होता है। हिन्दी में सर्वथा पहली बार प्रकाशित इस संकलन में 1908 में जब्त उर्दू में प्रकाशित उनके प्रथम कहानी-संग्रह 'सोजे वतन' की कहानियों के हिन्दी रूपान्तर तथा 1932 में जब्त हिन्दी कहानी- संग्रह 'समर यात्रा व ग्यारह अन्य राजनीतिक कहानियाँ' की समस्त कहानियों संग्रहीत है।
- Publisher : Sakshi prakashan
- Language : Hindi
- Paperback : 175 pages
- ISBN : 8186265392
- Item Weight : 250 g
- Dimensions : 20.3 x 25.4 x 4.7 cm
